Nag Panchami Wishes In Hindi 2022

Nag Panchami Wishes In Hindi 2022

नाग पंचमी हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है। हिन्दू पंचांगके अनुसार सावन माह की शुक्ल पक्ष के पंचमी को नाग पंचमी के रूप में मनाया जाता है। इस दिन नाग देवता या सर्प की पूजा की जाती है और उन्हें दूध से स्नान कराया जाता है। लेकिन कहीं-कहीं दूध पिलाने की परम्परा चल पड़ी है। नाग को दूध पिलाने से पाचन नहीं हो पाने या प्रत्यूर्जता से उनकी मृत्यु हो जाती है। शास्त्रों में नागों को दूध पिलाने को नहीं बल्कि दूध से स्नान कराने को कहा गया है। इस दिन अष्टनागों की पूजा की जाती है। आज के पावन पर्व पर वाराणसी (काशी) में नाग कुआँ नामक स्थान पर बहुत बड़ा मेला लगता है[1], किंवदन्ति है कि इस स्थान पर तक्षक गरूड़ जी के भय से बालक रूप में काशी संस्कृत की शिक्षा लेने हेतु आये, परन्तु गरूड़ जी को इसकी जानकारी हो गयी,और उन्होंने तक्षक पर हमला कर दिया, परन्तु अपने गुरू जी के प्रभाव से गरूड़ जी ने तक्षक नाग को अभय दान कर दिया, उसी समय से यहाँ नाग पंचमी के दिन से यहाँ नाग पूजा की जाती है,यह मान्यता है, कि जो भी नाग पंचमी के दिन यहाँ पूजा अर्चना कर नाग कुआँ का दर्शन करता है, उसकी जन्मकुन्डली के सर्प दोष का निवारण हो जाता है। नागपंचमी के ही दिन अनेकों गांव व कस्बों में कुश्ती का आयोजन होता है जिसमें आसपास के पहलवान भाग लेते हैं। गाय, बैल आदि पशुओं को इस दिन नदी, तालाब में ले जाकर नहलाया जाता है।

संस्कृति:

हिन्दू संस्कृति ने पशु-पक्षी, वृक्ष-वनस्पति सबके साथ आत्मीय संबंध जोड़ने का प्रयत्न किया है। हमारे यहां गाय की पूजा होती है। कई बहनें कोकिला-व्रत करती हैं। कोयल के दर्शन हो अथवा उसका स्वर कान पर पड़े तब ही भोजन लेना, ऐसा यह व्रत है। हमारे यहाँ वृषभोत्सव के दिन बैल का पूजन किया जाता है। वट-सावित्री जैसे व्रत में बरगद की पूजा होती है, परन्तु नाग पंचमी जैसे दिन नाग का पूजन जब हम करते हैं, तब तो हमारी संस्कृति की विशिष्टता पराकाष्टा पर पहुंच जाती है।

गाय, बैल, कोयल इत्यादि का पूजन करके उनके साथ आत्मीयता साधने का हम प्रयत्न करते हैं, क्योंकि वे उपयोगी हैं। लेकिन नाग हमारे किस उपयोग में आता है, उल्टे यदि काटे तो जान लिए बिना न रहे। हम सब उससे डरते हैं। नाग के इस डर से नागपूजा शुरू हुई होगी, ऐसा कई लोग मानते हैं, परन्तु यह मान्यता हमारी संस्कृति से सुसंगत नहीं लगती। नाग को देव के रूप में स्वीकार करने में आर्यों के हृदय की विशालता का हमें दर्शन होता है। ‘कृण्वन्तो विश्वमार्यम्‌’ इस गर्जना के साथ आगे बढ़ते हुए आर्यों को भिन्न-भिन्न उपासना करते हुए अनेक समूहों के संपर्क में आना पड़ा। वेदों के प्रभावी विचार उनके पास पहुँचाने के लिए आर्यों को अत्यधिक परिश्रम करना पड़ा।

विभिन्न समूहों को उपासना विधि में रहे फर्क के कारण होने वाले विवाद को यदि निकाल दिया जाए तो मानव मात्र वेदों के तेजस्वी और भव्य विचारों को स्वीकार करेगा, इस पर आर्यों की अखण्ड श्रद्धा थी। इसको सफल बनाने के लिए आर्यों ने अलग-अलग पुंजों में चलती विभिन्न देवताओं की पूजा को स्वीकार किया और अलग-अलग पुंजों को उन्होंने आत्मसात करके अपने में मिला लिया। इन विभिन्न पूजाओं को स्वीकार करने के कारण ही हमें नागपूजा प्राप्त हुई होगी, ऐसा लगता है।

भारत वर्ष में सर्प पूजन:
भारत देश कृषिप्रधान देश हैं और है। सांप खेतों का रक्षण करता है, इसलिए उसे क्षेत्रपाल कहते हैं। जीव-जंतु, चूहे आदि जो फसल को नुकसान करने वाले तत्व हैं, उनका नाश करके सांप हमारे खेतों को हराभरा रखता है। साँप हमें कई मूक संदेश भी देता है। साँप के गुण देखने की हमारे पास गुणग्राही और शुभग्राही दृष्टि होनी चाहिए। भगवान दत्तात्रय की ऐसी शुभ दृष्टि थी, इसलिए ही उन्हें प्रत्येक वस्तु से कुछ न कुछ सीख मिली।

साँप सामान्यतया किसी को अकारण नहीं काटता। उसे परेशान करने वाले को या छेड़ने वालों को ही वह डंसता है। साँप भी प्रभु का सर्जन है, वह यदि नुकसान किए बिना सरलता से जाता हो, या निरुपद्रवी बनकर जीता हो तो उसे मारने का हमें कोई अधिकार नहीं है। जब हम उसके प्राण लेने का प्रयत्न करते हैं, तब अपने प्राण बचाने के लिए या अपना जीवन टिकाने के लिए यदि वह हमें डँस दे तो उसे दुष्ट कैसे कहा जा सकता है? हमारे प्राण लेने वालों के प्राण लेने का प्रयत्न क्या हम नहीं करते? साँप को सुगंध बहुत ही भाती है। चंपा के पौधे को लिपटकर वह रहता है या तो चंदन के वृक्ष पर वह निवास करता है। केवड़े के वन में भी वह फिरता रहता है। उसे सुगंध प्रिय लगती है, इसलिए भारतीय संस्कृति को वह प्रिय है। प्रत्येक मानव को जीवन में सद्गुणों की सुगंध आती है, सुविचारों की सुवास आती है, वह सुवास हमें प्रिय होनी चाहिए।

हम जानते हैं कि साँप बिना कारण किसी को नहीं काटता। वर्षों परिश्रम संचित शक्ति यानी जहर वह किसी को यों ही काटकर व्यर्थ खो देना नहीं चाहता। हम भी जीवन में कुछ तप करेंगे तो उससे हमें भी शक्ति पैदा होगी। यह शक्ति किसी पर गुस्सा करने में, निर्बलों को हैरान करने में या अशक्तों को दुःख देने में व्यर्थ न कर उस शक्ति को हमारा विकास करने में, दूसरे असमर्थों को समर्थ बनाने में, निर्बलों को सबल बनाने में खर्च करें, यही अपेक्षित है।

सर्प मणि:

कुछ दैवी साँपों के मस्तिष्क पर मणि होती है। मणि अमूल्य होती है। हमें भी जीवन में अमूल्य वस्तुओं को (बातों को) मस्तिष्क पर चढ़ाना चाहिए। समाज के मुकुटमणि जैसे महापुरुषों का स्थान हमारे मस्तिष्क पर होना चाहिए। हमें प्रेम से उनकी पालकी उठानी चाहिए और उनके विचारों के अनुसार हमारे जीवन का निर्माण करने का अहर्निश प्रयत्न करना चाहिए।[3] सर्व विद्याओं में मणिरूप जो अध्यात्म विद्या है, उसके लिए हमारे जीवन में अनोखा आकर्षण होना चाहिए। आत्मविकास में सहायक न हो, उस ज्ञान को ज्ञान कैसे कहा जा सकता है?

साँप बिल में रहता है और अधिकांशतः एकान्त का सेवन करता है। इसलिए मुमुक्षु को जनसमूह को टालना चाहिए। इस बारे में साँप का उदाहरण दिया जाता है।

देव-दानवों द्वारा किए गए समुद्र मंथन में साधन रूप बनकर वासुकी नाग ने दुर्जनों के लिए भी प्रभु कार्य में निमित्त बनने का मार्ग खुला कर दिया है। दुर्जन मानव भी यदि सच्चे मार्ग पर आए तो वह सांस्कृतिक कार्य में अपना बहुत बड़ा योग दे सकता है और दुर्बलता सतत खटकती रहने पर ऐसे मानव को अपने किए हुए सत्कार्य के लिए ज्यादा घमंड भी निर्माण नहीं होगा।[4]

दुर्जन भी यदि भगवद् कार्य में जुड़ जाए तो प्रभु भी उसको स्वीकार करते हैं, इस बात का समर्थन शिव ने साँप को अपने गले में रखकर और विष्णु ने शेष-शयन करके किया है।

समग्र सृष्टि के हित के लिए बरसते बरसात के कारण निर्वासित हुआ साँप जब हमारे घर में अतिथि बनकर आता है तब उसे आश्रय देकर कृतज्ञ बुद्धि से उसका पूजन करना हमारा कर्त्तव्य हो जाता है। इस तरह नाग पंचमी का उत्सव श्रावण महीने में ही रखकर हमारे ऋषियों ने बहुत ही औचित्य दिखाया है।

विधि:

प्रातः उठकर घर की सफाई कर नित्यकर्म से निवृत्त हो जाएँ।

पश्चात स्नान कर साफ-स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

पूजन के लिए सेंवई-चावल आदि ताजा भोजन बनाएँ। कुछ भागों में नागपंचमी से एक दिन भोजन बना कर रख लिया जाता है और नागपंचमी के दिन बासी खाना खाया जाता है।

इसके बाद दीवाल पर गेरू पोतकर पूजन का स्थान बनाया जाता है। फिर कच्चे दूध में कोयला घिसकर उससे गेरू पुती दीवाल पर घर जैसा बनाते हैं और उसमें अनेक नागदेवों की आकृति बनाते हैं।

कुछ जगहों पर सोने, चांदी, काठ व मिट्टी की कलम तथा हल्दी व चंदन की स्याही से अथवा गोबर से घर के मुख्य दरवाजे के दोनों बगलों में पाँच फन वाले नागदेव अंकित कर पूजते हैं।

सर्वप्रथम नागों की बांबी में एक कटोरी दूध चढ़ा आते हैं।

और फिर दीवाल पर बनाए गए नागदेवता की दधि, दूर्वा, कुशा, गंध, अक्षत, पुष्प, जल, कच्चा दूध, रोली और चावल आदि से पूजन कर सेंवई व मिष्ठान से उनका भोग लगाते हैं।

पश्चात आरती कर कथा श्रवण करना चाहिए।

Nag Panchami 2022 Wishes, Quotes, Nag Panchami Status | Nag Panchami 2022 Photo, Images, Pics

करो भक्तों नाग की पूजा दिल से
होंगे भोले बाबा बहुत खुश आप से
नाग देवता को पिलाओ दूध पंचमी पर आप
शिव देंगे वरदान और दूर होंगे सारे पाप

 

सावन का आया भक्तों महीना है,
नाग-पंचमी का त्यौहार है,
जो दिल से महादेव का नाम जपे
उसका बेड़ा पार है.

 

नाग पंचमी जब आती है,
खुशिया अपार लाती है,
साँपों को दूध पिलाते है,
भगवान शिव का आशीर्वाद पाते है.

सर्प हमारे पर्यावरण और हमारे सनातक पुरानो के अभिन्न अंग है,

हम सभी को सर्पो का आदर सम्मान करना चाहिए

 

भगवान् शिव के जो श्रृंगार है, महीमा जिस सर्प देवाता की अपार है, ऐसे देवता को शत शत प्रणाम है, Happy Nag Panchami 2022.

 

भगवान् विष्णु का जिन्होंने भार उठाया, धरती को जिन्होंने अपने माथे पर समाया है, ऐसे है शेष नाग सर्प देबता, आप सभी को Happy Nag Panchami 2022.

 

किसी से कोई बैर है उनका और कोई करता है उनसे कोई बैर, जिसने कर लिया उनसे बैर, नही है फिर सर्प देबता से उस पापी की खैर, Happy Nag Panchami 2022.

 

नाग देवता हमारे वेदपुरानो के अनुसार हमारे सबसे पूजनीय देवता है, ऐसे सर्वव्यापी सर्प देवता को शत शत नमन, आपको Happy Nag Panchami 2022.

 

सर्प दोष का करने निवारण, दुखिजनो के तुम पालन हारी, तुम्हारे से ही तो है मेरे भोले की शोभा न्यारी, आप सभी शिवभक्तो को Happy Nag Panchami 2022.

 

मेरे भोले का जो श्रृंगार है, उस शेषनाग की महीमा सबसे अपार है,ऐसे पावन पर्व की आप सभी को शुभ कामनाए अपार

 

दुनिया को जिन्होंने है अपने शीश पर समाया, पूरे संसार का भार मेरे शेषनाग ने है उठाया, ऐसे देवता को शत शत नमन है, आप सभी को Happy Nag Panchami 2022.

 

नाग पंचमी के मौके पर, सर्प देवता की पूजा अर्चना कराये और खुद को सर्प देवता के सर्प दोष से मुक्त कराये, आप सभी को Happy Nag Panchami 2022.

 

प्रभु गरुड़ है जिनके देवता, कापता है पूरा विश्व जिनके भय से, ऐसे सर्प देबता को बारम्बार प्रणाम है, आप सभी को Happy Nag Panchami 2022.

 

Nag Panchami 2022 Wishes in Hindi

मेरे भोलनाथ का है जो सबसे प्यारा श्रृंगार, जिनके बगैर अधुरा सा है ये पूरा संसार, ऐसे सर्प देवता को नाग पंचमी के मौके पर है बारम्बार प्रणाम, Happy Nag Panchami 2022.

 

सर्प दोष है कुंडली में जिनकी, जो है सर्प दोष से बहुत परेशान, मौका है उनके पास नाग पंचमी का, सर्प दोष से मुक्ति पाने का, Happy Nag Panchami 2022.

 

भगवान् विष्णु के है सिहासन जो, जिन्होंने समाया है धरती को माथे पर अपने,ऐसे सर्प देवता को नाग पंचमी के मौके पर शत -शत प्रणाम, Happy Nag Panchami 2022.

 

होते है इस दुनिया में सबसे भाग्य्शालो वो, जिनपर कृपा होती है नाग देवता की जीवन भर, आप सभी को Happy Nag Panchami 2022.

 

 विश्व में बजता है डंका जिनके नाम का, पूजता है जिनको संसार सारा, ऐसे सर्प देबता को नाग पंचमी पर नमन है हमारा, Happy Nag Panchami 2022.

 

हम इस वर्ष की नाग पंचमी के पर्व पर आपके और आपके परिवार के अच्छे स्वास्थ्य और सुखद जीवन की कामना करते है, हमारी ओर से आप सभी को नाग पंचमी पर्व की हार्दिक शुभकामनाये, Happy Nag Panchami 2022.

 

हम प्रार्थना करते है की इस वर्ष का नाग पंचमी का पर्व आपके लिए शुभकारी हो, आप सभी को नाग पंचमी के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामना, Happy Nag Panchami 2022.

 

आशा है की आपके उपर भोलेनाथ के सबसे बड़े भक्त नाग देवता की कृपा हमेशा ही बनी रहे, आप सभी को नाग पंचमी की बहुतबहुत शुभकामनाए, Happy Nag Panchami 2022.


हम इस नाग पंचमी के पावन पर्व पर आप सभी के अच्छे स्वास्थ्य और लम्बी उम्र की कामना करते है, आप सभी को नाग पंचमी की हार्दिक शुभकामनाये, Happy Nag Panchami 2022.

 

पूरी धरती है जिनके मस्तक पर है सवार और जो है मेरे महादेव के श्रृंगार, उन नाग  देवता को है बारम्बार प्रणाम, Happy Nag Panchami WhatsApp Status 2022. 

 

भगवान् विष्णु के है जो सिंहासन है जो हम करते है उन नाग देवता को शत – शत नमन, Happy Nag Panchami WhatsApp Status 2022. 

 

आशा करते है की इस नाग पंचमी के अवसर पर आपके परिवार को यश मिले समृद्धि मिले और खुशिया हो आपके जीवन में अपार, Happy Nag Panchami WhatsApp Status 2022.

 

जीवन के हर क्षण को खुलकर जिए और सभी प्राणियों की रक्षा करे, आप सभी को नाग पंचमी की हार्दिक शुभ कामनाए, Happy Nag Panchami WhatsApp Status 2022.

 

जीवन के हालातो से डरना नही लड़ना सीखिए, आप सभी को हमारी ओर से नाग पंचमी की हार्दिक शुभकामनाये, Happy Nag Panchami WhatsApp Status 2022. 

 

संसार है झुकता जिनके आगे है ऐसे है हमारे भगवान् विष्णु के सिंहासन, नाग पंचमी के अवसर पर आप सभी को बहुत – बहुत बधाई हो, Happy Nag Panchami WhatsApp Status 2022.

 

अपनों का ही तो जीवन में महत्त्व है और अपनों से ही तो जीवन में खुशीया है, आप सभी को इस नाग पंचमी के पावन पर्व की हार्दिक शुभ कामनाये, Happy Nag Panchami WhatsApp Status 2022.

 

नाम की होती है जिनके पूरे विश्व में जयजयकार, जो है मेरे भोलेनाथ के अद्भुत श्रृंगार, आप सभी को   Happy Nag Panchami WhatsApp Status 2022 की हार्दिक शुभकामनाए

 

आप सभो को नाग पंचमी के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाये, आशा करते है की आपके परिवार का स्वाथ्य बेहतर बना रहे, Happy Nag Panchami WhatsApp Status 2022. 

 

पावन है ये पर्व आज का, न्यारा है ये पर्व आज का, कहते है इसे नाग पंचमी, सबसे प्यारा है ये पर्व आज का, आप सभी को नाग पंचमी की हार्दिक शुभकामनाए, Happy Nag Panchami Wishes 2022.

 

मेरे भोले के है जो सबसे प्यारे श्रृंगार, आज है उन नाग देवता का नाग पंचमी का पर्व शानदार, आप सभी को नाग पंचमी की बधाई, Happy Nag Panchami Wishes 2022.

 

भगवान् विष्णु के है जो सिंहासन न्यारे, भोले के है जो श्रृंगार सबसे प्यार, नाग पंचमी के मौके पर है नाग देवता हम सभी के दुलारे, Happy Nag Panchami Wishes 2022.

 

आप सभी को नाग पंचमी के मौके पर यश मिले, अच्छा स्वास्थ्य मिले और नाग देवता की कृपा से नयी कीर्ति जीवन में आये, Happy Nag Panchami Wishes 2022. 

 

नाग है हमारे पूजनीय पूर्वज, उनसे बेहतर है नही है देवता कोई दूजा, आप सभी को नाग पंचमी के पावन पर्व की हार्दिक बधाई हो, Happy Nag Panchami Wishes 2022.

 

इस वर्ष नाग पंचमी के मौके पर हम आशा करते है की आपके और आपके परिवार का बेहतर स्वाथ्य और खुशिया बनी रहे, Happy Nag Panchami Wishes 2022.

 

खुशियों की हो बौछार और मिले आपको संपत्ति बेशुमार, आप सभी को मुबारक हो नाग पंचमी का ये पावन सा त्यौहार, Happy Nag Panchami Wishes 2022.

 

समाई है सम्पूर्ण धरती माँ जिनके मस्तक पर, ऐसे देव को है हमारा शत – शत नमन, आप सभी को नाग पंचमी की बधाई हो, Happy Nag Panchami Wishes 2022.

  

आप सभी को नाग पंचमी के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाए, आशा करते है की हम सभी पर नाग देवता का आशीर्वाद सदा बना रहे, Wishes For Nag Panchami 2022

 

नाग देवता है सबसे महान, उनके बराबर दूजा नही है इस लोग सबसे ऊँचा स्थान, आप सभी को नाग पंचमी की हार्दिक शुभकामनाए, Wishes For Nag Panchami 2022 

 

जो है मेरे भोलनाथ का सबसे प्रिय श्रृंगार, उनके पावन त्यौहार नाग पंचमी की आप सभी को हार्दिक बधाई, Wishes For Nag Panchami 2022

 

सबपर उनका है आशीर्वाद बना हुआ, हर कोई उनकी कृपा से है जुदा, आप सभी को नाग पंचमी के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामना, Wishes For Nag Panchami 2022

 

विश्व में है जिनका सबसे ऊँचा स्थान, जिनके उपर है भगवान् विष्णु का शयन स्थान, ऐसे देवो के देव को नाग देव के पर्व पर नाग पंचमी की हार्दिक शुभकामना, Wishes For Nag Panchami 2022

 

दोस्तों हमें आशा है की आपको नाग पंचमी के मौके पर Nag Panchami 2022: Wishes, Quotes, Status जरुर ही पसंद आये है। दोस्तों नाग देवता जो की भोलेनाथ के गले में वास करते है, वही भगवान् विष्णु के सिंहासन है। 

उनके पर्व नाग पंचमी के मौके पर हम सभी इस वर्ष की नाग पंचमी को धूम धाम से मनाएंगे, आशा करते है की आपको Nag Panchami Wishes 2022, Nag Panchami WhatsApp Status, Nag Panchami 2022 Wishes, Nag Panchami 2022 Quotes in Hindi आपको जरुर ही पसंद आयेंगे। 

 

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